बालकाण्ड मंगलाचरण

बालकाण्ड मंगलाचरण

प्रथम सोपान-मंगलाचरण श्लोक : * वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1॥ भावार्थ:-अक्षरों, अर्थ समूहों, रसों, छन्दों और मंगलों को …

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बालकाण्ड गुरु वंदना

बालकाण्ड गुरु वंदना

गुरु वंदना * बंदउँ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररूप हरि।महामोह तम पुंज जासु बचन रबि कर निकर॥5॥ भावार्थ:-मैं उन …

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बालकाण्ड खल वंदना

बालकाण्ड खल वंदना

खल वंदना चौपाई : * बहुरि बंदि खल गन सतिभाएँ। जे बिनु काज दाहिनेहु बाएँ॥पर हित हानि लाभ जिन्ह केरें। …

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बालकाण्ड कवि वंदना

बालकाण्ड कवि वंदना

* चरन कमल बंदउँ तिन्ह केरे। पुरवहुँ सकल मनोरथ मेरे॥कलि के कबिन्ह करउँ परनामा। जिन्ह बरने रघुपति गुन ग्रामा॥2॥ भावार्थ:-मैं …

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बालकाण्ड वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदि की वंदना

बालकाण्ड वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदि की वंदना

वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदि की वंदना सोरठा : * बंदउँ मुनि पद कंजु रामायन जेहिं निरमयउ।सखर सुकोमल …

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