बालकाण्ड श्री नाम वंदना और नाम महिमा
श्री नाम वंदना और नाम महिमा चौपाई : * बंदउँ नाम राम रघुबर को। हेतु कृसानु भानु हिमकर को॥बिधि हरि …
श्री नाम वंदना और नाम महिमा चौपाई : * बंदउँ नाम राम रघुबर को। हेतु कृसानु भानु हिमकर को॥बिधि हरि …
श्री रामगुण और श्री रामचरित् की महिमा * मोरि सुधारिहि सो सब भाँती। जासु कृपा नहिं कृपाँ अघाती॥राम सुस्वामि कुसेवकु …
मानस निर्माण की तिथि * सादर सिवहि नाइ अब माथा। बरनउँ बिसद राम गुन गाथा॥संबत सोरह सै एकतीसा। करउँ कथा …
मानस का रूप और माहात्म्य दोहा : * जस मानस जेहि बिधि भयउ जग प्रचार जेहि हेतु।अब सोइ कहउँ प्रसंग …
याज्ञवल्क्य-भरद्वाज संवाद तथा प्रयाग माहात्म्य * अब रघुपति पद पंकरुह हियँ धरि पाइ प्रसाद।कहउँ जुगल मुनिबर्य कर मिलन सुभग संबाद …
सती का भ्रम, श्री रामजी का ऐश्वर्य और सती का खेद * रामकथा ससि किरन समाना। संत चकोर करहिं जेहि …
शिवजी द्वारा सती का त्याग, शिवजी की समाधि दोहा : * परम पुनीत न जाइ तजि किएँ प्रेम बड़ पापु।प्रगटि …
सती का दक्ष यज्ञ में जाना दोहा : * दच्छ लिए मुनि बोलि सब करन लगे बड़ जाग।नेवते सादर सकल …
दोहा : * सिव अपमानु न जाइ सहि हृदयँ न होइ प्रबोध। सकल सभहि हठि हटकि तब बोलीं बचन सक्रोध॥63॥ …
*सतीं मरत हरि सन बरु मागा। जनम जनम सिव पद अनुरागा॥ तेहि कारन हिमगिरि गृह जाई। जनमीं पारबती तनु पाई॥3॥ …