बालकाण्ड गुरु वंदना

बालकाण्ड गुरु वंदना

गुरु वंदना * बंदउँ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररूप हरि।महामोह तम पुंज जासु बचन रबि कर निकर॥5॥ भावार्थ:-मैं उन गुरु महाराज के चरणकमल की वंदना करता हूँ, जो कृपा के समुद्र और नर रूप में श्री हरि ही हैं और जिनके वचन महामोह रूपी घने अन्धकार का नाश करने के लिए सूर्य किरणों के … Read more

बालकाण्ड मंगलाचरण

बालकाण्ड मंगलाचरण

प्रथम सोपान-मंगलाचरण श्लोक : * वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1॥ भावार्थ:-अक्षरों, अर्थ समूहों, रसों, छन्दों और मंगलों को करने वाली सरस्वतीजी और गणेशजी की मैं वंदना करता हूँ॥1॥ * भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ।याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम्‌॥2॥ भावार्थ:-श्रद्धा और विश्वास के स्वरूप श्री पार्वतीजी और श्री शंकरजी की मैं वंदना करता हूँ, जिनके … Read more

शिवा नमस्काराथा मंत्र

Shiv namaskaratha mantra

| शिवा नमस्काराथा मंत्र |  ॐ नमो हिरण्यबाहवे हिरण्यवर्णाय हिरण्यरूपाय हिरण्यपतए अंबिकापतय उमापतय पशूपतय नमो नमः॥ ईशान सर्वविद्यानाम् ईश्वर सर्व भूतानाम् ब्रह्मादीपते ब्रह्मनोदिपते ब्रह्मा शिवो अस्तु सदा शिवोहम॥ तत्पुरुषाय विद्महे वागविशुद्धाय धिमहे तन्नो शिव प्रचोदयात्। महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धिमहे तन्नों शिव प्रचोदयात्॥ नमस्ते अस्तु भगवान विश्वेश्वराय महादेवाय त्र्यंबकाय त्रिपुरान्तकाय त्रिकाग्नी कालाय कालाग्नी रुद्राय नीलकंठाय मृत्युंजयाय … Read more

हर संकट से बचाएंगे श्री हनुमान के ये 9 शक्तिशाली मंत्र

हर संकट से बचाएंगे श्री हनुमान के ये 9 पावरफुल मंत्र

श्री हनुमान के ये 9 शक्तिशाली मंत्र 1. ‘ॐ हं हनुमते नम:।’  वाद-विवाद, न्यायालय आदि के लिए प्रयोग किया जा सकता है।  2. ‘ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकायं हुं फट्।’   शत्रु से अधिक भय हो, जान-माल का डर हो, तो यह प्रयोग उचित रहेगा।  3. ‘ॐ हं पवननन्दनाय स्वाहा।’   हनुमानजी के दर्शन सुलभ होते हैं, यदि … Read more

राम से बड़ा राम का नाम, जानें राम के वे 8 मंत्र, जिनसे मिलती है सफलता, शक्ति एवं सर्वसिद्धी

राम से बड़ा राम का नाम, जानें राम के वे 8 मंत्र, जिनसे मिलती है सफलता, शक्ति एवं सर्वसिद्धी

श्री राम ध्यान मंत्र- ॐ आपदामप हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम, लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामाम्यहम ! श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः ! संकट में सहायता हेतु- लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्। कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये॥ आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्।। क्लेश निवारण और सुख संपत्ति … Read more

राम नवमी पूजा

Ram Navami Puja

आज पूरे देश में भगवान राम का जन्मदिन, यानी रामनवमी मनाया जा रहा है। प्रभु श्रीराम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर हुआ था। मान्यता है कि इस दिन भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है अगर विधि-विधान से पूजा की जाए। इस मौके पर मंदिरों में विभिन्न प्रकार के … Read more

शिव जी के मंत्र – अर्थ और लाभ

Shiv ji Ka Mantra

अगर आप शिव जी की अधिक कृपा पाना  चाहते हैं, तो आपको कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए। इन मंत्रों का जाप करने से शिव जी न सिर्फ खुश होते हैं, बल्कि अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं। शिव षडाक्षरी मंत्र मृत्युंजय मंत्र शिव गायत्री मंत्र शिव षडाक्षरी मंत्र ॐ नमः … Read more

श्री महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम्

Sri Mahishasuramardini Stotram

श्री महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र के रचयिता श्री शंकराचार्य जी थे। इसमें महिषासुर का वध करने वाली मां दुर्गा को नमन किया गया है। महिषासुर की तड़प देख मां दुर्गा के अंदर ममता उमड़ने लगी। मां दुर्गा की दृष्टि से महिषासुर के शरीर में फिर से चेतना लौटने लगी। जिसे देख सभी देवता भयभीत हो गए। … Read more

श्री दुर्गा चालीसा

The Sanatan Dharma

श्री दुर्गा चालीसा का महत्व धर्म की रक्षा और संसार से अंधकार मिटाने के लिए मां दुर्गा उत्तपति हुई है। शास्‍त्रों में कहा गया है कि दुर्गा चालीसा का पाठ नवरात्रि या किसी दूसरे शुभ अवसर पर मां दुर्गा की स्तुति के लिए करना शुभ होता है। श्री दुर्गा चालीसा के बिना मां दुर्गा की … Read more

अग्नि सहस्रनाम स्तोत्रम्

Agni Sahasranam Stotram

अग्नि सहस्रनाम स्तोत्रम् | Agni Sahasranam Stotram श्रीकाञ्चीकामकोटीमठपयतिवरं शङ्करार्यस्वरूपं सुज्ञानं सार्वभौमं सकलमतविदां पालकं द्वैतहीनम् । काले कल्किप्रभावान्निगमगिरिमधस्तात्पतन्तं वहन्तं वन्दे कूर्मस्वरूपं हरिमिव सततं चन्द्रमौळिं यतीन्द्रम् ॥ श्रीमन्महादेवयतीश्वराणां      कराब्जजातं सुयमीन्द्रमुख्यम् । सर्वज्ञकल्पं विधिविष्णुरूपं      श्रीचन्द्रमौळीन्द्रयतिं नमामि ॥ श्रीशङ्कराचर्यगुरुस्वरूपं      श्रीचन्द्रमौळीन्द्रकराब्जजातम् । श्रीकामकोटीन्द्रयतिं वरेण्यं      श्रीमज्जयेन्द्रं शरणं प्रपद्ये ॥ वेदाख्यवृक्षमनिशं परिपालयन्तं     … Read more