अध्याय 10: विभूतियोग
विभूतियोग परमेश्वर की विभूतियों का वर्णन श्रीभगवानुवाच भूय एव महाबाहो श्रृणु मे परमं वचः । यत्तेऽहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया ৷৷10.1৷৷ sri bhagavanuvaca bhuya eva mahabaho srrnu me paraman vacah. yatte.han priyamanaya vaksyami hitakamyaya৷৷10.1৷৷ भावार्थ : श्री भगवान् बोले- हे महाबाहो! फिर भी मेरे परम रहस्य और प्रभावयुक्त वचन को सुन, जिसे मैं तुझे अतिशय प्रेम … Read more